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Friday, September 26, 2008

Two Line Shayari

Taqdeer Ney Is Waastey Chunwaaey They Tinkey
Ban Jaey Nasheman To Koi Aag Laga Dey


meri diwangi ko tum kya jaanoge
iski had se to me bhi bekhabar hu

mere apno mein mohabbat ki kamin ho jaayegi
kya khabar thi zindagi yun ajnabi ho jaayegi .... 

tu na bol tere na bolne ka koi gum nahi
tera ek deedar tere kuch bolne se kam nahi

jab haath dua ko uthe to wo yaad na raha jo socha tha
izhaar-e-akidat ki dhun me izhaar-e-tamanna bhool gaye

apne aansuo ko hansi se chupane ka..
dosto khyal achcha hai.

teri bewaafai ka pata hota tere pyaar se pahle,
to apne marne ki dua karte,tere deedar se pahle.

Hum Ba-wafa They Is Liye Dil Sey Utar Gaye 
Shayad Tumhain Talash Kisi Bewafa Ki Thi

UJHE Apna Mukkdr Batate Hai Hum, Khuda K Baad Tere Aage Sir Jhukate Hai Hum.
 dosti Ka Rishta Tod Mat Dena, is Rishte K DumPar muskurate hai hum

Aaj kyun hichkiyan aayi dil e naashad mujhey,
Shayad us shokh ney bhuley sey yaad kiya mujhey

Pyaar kab kisika poora hota hai
pyaar kaa to pehla akshar hi adhoora hota hai

ye kiya ke ek daur se guzre tamaam umr 
ji chahta hai ab koyi tere siva bhi ho..

dil me hota hai ujaala aapke deedaar se
aapko mere siva dekhe na koi pyaar se.

Yoon Dil Ke tadapney ka Hai Kuchh to Sabab aakhir,
Yaa Dard Ne Karwat Li Yaa Tumney Idhar dekha!

maza na de wo masti kis kam ki
jaha Dil na lage wo basti kis kam ki

Aah!!! kehne ki jaroorat kya,baaton ki hakeekat kya 
chalke na nigahoon se aisi bhi mohabbat kya...

Friday, April 11, 2008

तेरी दुनीया से नाता तोड़ चले हमे,,,,,,,,,,

तन्हाईयों से नाता जोड़ लीय हमने अपनों से नाता तोड़ लीय हमने,
छोड चले हमे उसकी mehfil को वीरानो से नाता जोड़ लीया हमने,
न रोना याद करके हमें ले तेरी दुनीया से नाता तोड़ चले हमे,,,,

लगता है अब दर्र इस प्यार से ,,,,,,,,,,,,,,

लगता है अब दर्र इस प्यार से
क्युंकी इसीने हमे ठुकराया है ,
इसी ने हमे तन्हायीओं से मीलाया है,
इसीने इन पलकों को हमारी भीगोया है,
इसीने हमको हमी से दूर कीया है,
इसीने हमे यादों की दुनीया ka मेहमान बनाया है ,,,
लगता है अब दर्र इस प्यार से,,,,,,,,,

होठो की ज़ुबा आंसू कहते है,
जो चुप है लेकिन फीर भी बहते है और
आंसू की कीस्मत तो देखीये, ये उनके लीये बहते है,
जो इन आँखों में रहते है

ये जिंदगी है या कोई छलावा,,,,

ITS ALSO MINE...........

ये जींदगी है या कोई छलावा,,,,

एक पल में खुशी देती है दूसरे ही पल आसुओं के सागर में डुबो देती है,

एक पल में साथ देती है दूसरे ही पल छीन लेती है सब कुछ,

एक पल में कीसीको अपना बनती है तो दूसरे ही पल में begana कर देती है,


एक पल में फूलों पर चलती है तो दूसरे ही पल में बैठा देती है काँटों पर,


एक पल में फलक पर पहुँचा देती है तो दूसरे ही पल में गीरा देती है ज़मीन पर,


एक पल में mehfil सजा देती है तो दूसरे ही पल में तन्हाईयों से कर देत है दोसती ,


एक पल साथ देती है सबका तो दूसरे ही पल में रूठ जाती है सबसे,
ये जिंदगी है या कोई छलावा,,,,,,,,,

एह फूल उठा लेता, रंगों में नहा लेता
तुम राज़ अगर होते, में दील में छुपा लेता...

यादों की दुनीया ka भी कया कहना,,,,,,,,,,,,,,,,

यादों की दुनीया ka भी कया कहना,
इसमें हर वो पल याद आता है जो,
इन पलकों पर आन्सुं दे जाता है,
पर कमबख्त ये दील फीर भी उसे याद करता है,
उस दरद को सहता है ,
तन्हाई में जीता है,
जानता है कभी नही वापस आने के,
फीर भी उन्ही ka इंतज़ार करता है,
फीर भी उन्हें याद करता है,
यादों की दुनीया ka भी कया कहना,,,

जो मर-मर के जीते हैं,
उनकी ख़बर नही लेनी चाहीये,
उनके लीये मौत
जीन्दगी baan कर आती है…
सीर्फ दुआ karanaa चाहीए
की उनको जल्द ही, मौत से
नई जीन्दगी मीले
उनकी तड़पती रूह को
हमेशा के लीये
सुकून-ऐ-राहत मीले…

चीता पर प्डी एक लाश थी
बस आग लगाने की देर थी
एक रूह थी ऊपर से देख रही,
यूं हे कीसी की राह ताक रही
इतने में एक शख्स आया,
सादे Vastra में कोमल काया,
रूह लाश से कह उठी
वह देख तेरा महबूब आया



mehfil में बातें करते जब हमे बीते दीनो को याद करते हैं,
सोचते हैं की वो सुनहरे दीन फीर वापस चली आयें,,
दोसती मुल्को की और मजहबों की सरहदे नही जानती,
वो तो दीलों की मिलन है जो जींदगी भर कहीं नहीं जाती.

फूलों सी नाजुक चीज है दोस्ती, सुर्ख गुलाब की महक है दोस्ती,
सदा हँसने हँसाने वाला पल है दोस्ती,दुखों के सागर में एक कश्ती है दोस्ती,


काँटों के दामन में महकता फूल है दोस्ती, jindagii भर साथ नीभाने वाला रीश्ता है दोस्ती ,
rishton की नाजुकता समझाती है दोस्ती, rishton में वीश्वास दीलाती है दोस्ती,


तन्हाई में सहारा है दोस्ती, मझधार में कीनारा है दोस्ती,
jindagii भर जीवन में महकती है दोस्ती, कीसी-कीसी के नसीब में आती है दोस्ती,


हर खुशी हर गम का सहारा है दोस्ती, हर आँख में बसने वाला नजारा है दोस्ती,
कमी है इस जमीं पर पूजने वालों की वरना इस जमीं पर "खुदा" है दोस्ती

खुशी भी दोस्तों से है
गम भी दोस्तों से है

तकरार भी दोस्तों से है
प्यार भी दोस्तों से है

रूठना भी दोस्तों से है
मानना भी दोस्तों से है

बात भी दोस्तों से है
मीसाल भी दोस्तों से है

नशा भी दोस्तों से है
शाम भी दोस्तों से है

जींदगी की shuruvaat भी दोस्तों से है
जींदगी मैं मुलाकात भी दोस्तों से है

मोहब्बत भी दोस्तों से है
इनायत भी दोस्तों से है

काम भी दोस्तों से है
नाम भी दोस्तों से है

ख्याल भी दोस्तों से है
अरमान भी दोस्तों से है

ख्वाब भी दोस्तों से है
माहोल भी दोस्तों से है

यादें भी दोस्तों से है
मुलाकातें भी दोस्तों से है

सपने भी दोस्तों से हैं
अपने भी दोस्तों से है

या यूँ कहूं यारो
अपनी तो दुनीया ही दोस्तों से है

दो अजनबी एक राह पर मीले..
राह ऐसी थी की कदम ruk से गए..
न हमें ख़बर थी न उनहे..
कब हम उन्के दीवाने हो गए..

जीसके पास कुछ नही उस पर दुनीया हंसती है,
जीसके पास सब कुछ है उससे दुनीया जलती है,
मेरे पास आप सब की दोसती है जीसे पाने को दुनीया तरसती है,,,

खुदा की इबादत में एक दुया हमारी होगी,
जीसमें मांगी हर खुशी तुमहारी hogi,
जब भी कोई दसतक सुनाई दे दील पर,
समझो वो दोसती की दसतक हमारी hogi,,,

दोसती
कुछ कहते हैं दोसती प्यार है,
कुछ कहते हैं दोसती zindagi है,
हम कहते हैं दोसती दोसती है,
जीस से बढकर न प्यार है न जींदगी है,,,

दोसती,,,,,

वीश्वास की एक दुरी है दोसती,
बेताब दील की मज़बूरी है दोसती,
न मनो तो कुछ भी नही,
और मनो तो खुदा की भी कमजोरी है दोसती,,,

tum ret ki manind

ey jindagi maine kitna sambhala tujhe
har hasrat har arzoo meri bus tere dum se hai
lekin maine jitna pakarna chaha tumhe kas key tum ret ki manind meri muthi se nikalti chaligayi,
phir yeh soch kar khamosh hoon ki jahan shabad gum ho jatey hain wahan chup baat karti hai,
jahan jikar tumhara hota hai,
bahan ehsaas hamara hota hai

खीलोना

दीलको खीलोना मानकर तोड़ गई वो,
हाथोको थामकर मेरे
आधे रासते में छोड़ गई वो,
हुई नाजाने कहाँ हमसे भूल?
खुसीयाँ देनेका दावा करने वाली
अब तनहाइयों के बीचमे छोड़ गई वो....

धड़कन

हर आहट पे तेरी तलाश है.. दूर होकर भी तू मेरे पास है.. न याद
आओ हमें इतना की हमारा दील हमसे पूछे.. की यार धड़कन कीस के पास है.

जगाया उन्होंने ऐसा की आज तक सो न सके,

जगाया उन्होंने ऐसा की आज तक सो न सके,
रुलाया उन्होंने ऐसा के सबके सामने रो भी न सके,
जाने कया बात थी उनमे,
जबसे माना उनहे अपना तबसे कीसी के हो न सके

wo samjhte hain.....

humien aansun se zakhmon ko dhona nahi aata,
milti hai khushi to use khona nahi aata,
sah lete hain har gum hans ke,
log kahte hain humein rona nahi aata,,,,,

Tuesday, April 8, 2008

Maum ki tarah pighalte dekha us ko
Rut jo badli, badalte dekha us ko
Woh jo kaanton ko bhi narmi se chua kerta tha
Hum ne phoolon ko masalte dekha us ko
Jaaney ki gham ko chupaaney ki tamanna hai usey
Aaj her baat pe hanstey dekha us ko
Jaaney woh maangna chahta hai duwaon mein kisey
Haath uthatey hi sisaktey huey dekha us ko.

I Miss You........

Duniya se kuch darta tha wo
Sehma sehma rehta tha wo

Janay kya baat thi us mein
Itna hasin kyon lagta tha wo

Ik bhool hui mujh se magar
Wafa he wafa karta tha wo

Kehte kehte ruk jata tha
Aksar aisa karta tha wo

Jo bhi kahna hai wo keh do
Mujh se yahi bus kehta tha wo

Sagar tere ghazal ye padh ker
Aksar roya karta tha wo

tasveer,,,,,

Mujse mat pooch ki kyun aankh jhuka li maine,
teri tasveer thi jo tujhse chupa li maine,
jis pe likha tha ki tu mere muqaddar mein nahi,
apne maathe ki woh tehreer mita li meine,


har janm sabko yahaan sachha pyaar kahaan milta hai,
teri chaahat mein to umr bita li meine,
mujhko jaane kahaan ehsaas mere le jaayein,
waqt ke haathon se ek nazm utha li meine,


ghere rehti hai mujhe ek anokhi khushbu,
teri yaadon se har ek saans saja li meine,
jiske sheron ko woh sunke bahut roya tha,
bas wohi ek ghazal sabse chupa li meine.

दुनीया

दुनीया में बहुत ग़म मीलेंगे,
सच मानो तो दोसत बहुत कम मीलेगा,
जीस मोड़ पर सब छोड़ दे साथ तुम्हारे
दोसत उसी मोड़ पर खडे हमे मीलेंगे

Friday, March 21, 2008

दील के हालात.........
तेरी आदत सी होगई थी,दील की तू राहत सी होगई थी,तेरी जुदाई न मंज़ूर थी कभी,दील से दील की दूरी न मंज़ूर है कभी,मेरे इजहार-ऐ-इशक की मुझे हमेशा ग़म रहेगी,तुझसे न कह पाने की सजा रहेगी,सबक मेरे बाटों में नहीं जिंदगी में रहेगी,तेरे वफ़ा को सलाम, जुदाई से कफा रहेगी.न ख्वाबों में देखा, न नज़रों में देखा,हजारों में एक हमने तुम ही को देखा,गम देने वाले तो हर पल है यहाँ,हर पल खुशी देने वालों में एक आप ही को देखा.

कया hogi इस दील की हालत,,,,,,,,,
आज एहसास के दामन में आन्सुं गीरा के तो देखो,

प्यार कीतना सच्चा है दील लगा के तो देखो,आपको भूल के कया hogi इस दील की हालत,

कीसी आईने पर पत्थर गीरा के तो देखो,,,

उम्मीद से दुगना देती है दोसती,,,,,
दील कभी न लगना हमेशा दरद ही पाओगे, बीती बातें याद करके रोते ही जाओगे,
करना ही है तो गहरी करो दोसती, हमेशा उम्मीद से दुगना ही पाओगे,,,,,,

Dil ne ek baar aur humaara kehna maana hai,
Is holi pe phir useh rangne jaana hai.

Har saal khareeden hain rang, kari hai tayaari,
Is baar to khelenaa humaare saath, dekhnaa raah humaari.

Shahar mein sabse pooch rahe hain , rang-e-mohabbat kahaan milega
Raat ko khuda ne bataaya ki abhi aur imtehaanon se guzarnaa parega

Neela, hara , peela , gulaabi yeh sab to ek bahaana hai,
Holi ka ho din ya kuch aur hume to tumse milne aana hai

Is Holi pe useh rangne jaana hai,
Is Holi pe useh rangne jaana hai

Dil ne ek baar aur humaara kehna maana hai,
Is holi pe phir useh rangne jaana hai.

Har saal khareeden hain rang, kari hai tayaari,
Is baar to khelenaa humaare saath, dekhnaa raah humaari.

Shahar mein sabse pooch rahe hain , rang-e-mohabbat kahaan milega
Raat ko khuda ne bataaya ki abhi aur imtehaanon se guzarnaa parega

Neela, hara , peela , gulaabi yeh sab to ek bahaana hai,
Holi ka ho din ya kuch aur hume to tumse milne aana hai

Is Holi pe useh rangne jaana hai,
Is Holi pe useh rangne jaana hai

Thursday, March 20, 2008

यादों की कीमत......

यादों की कीमत वो क्या जाने जो ख़ुद ही यादों को मीटा दीया करते हैं,
यादों का मतलब तो उनसे पूछो जो यादों के सहारे पुरी जिंदगी बीता दीया करते हैं

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

जिंदगी के कुछ लम्हे यादगार होते हैं,
यादों में कुछ लोग ख़ास होते हैं,
यूं तो वो दूर हैं नज़रों से,
पर उनके एहसास हमेशा दील के पास होते हैं
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

हमारा हर लम्हा चुरा लीया आपने, आंखों को इक चाँद दीखा दीया आपने.
हमें जींदगी तो दी कीसी और ने, पर प्यार इतना देकर जीना सीखा दीया आपने।

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

ग़म

हाज़ार फूल कम पड़ते हैं एक दुल्हन को सजाने के लीये,
मगर एक फूल काफ़ी है उसके कफ़न पर चडाने के लीये,
हाज़ार खुशीयाँ कम पड़ती हैं एक ग़म को मीटा ने के लीय,
मगर एक ग़म काफ़ी है पूरी जींदगी रुलाने के लीये।

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

खुशी

सजती रहे खुशीयों की महफिल,
हर खुशी सुहानी रहे ,
जिंदगी में आप इतने खुश रहे,
की हर खुशी आपकी दीवानी रहे

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

एतबार

बगैर जाने पहचाने इकरार न कीजिए,
मुस्कुराकर दील को बेकार न कीजिए,
गुलाब भी दे जाते हैं ज़ख्म गहरा कभी कभी,
हर गुलाब पर यूं एतबार ना कीजिए

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

दोसती

कभी जीकर -ऐ-जुदाई मत करना.
इस दोसती से कभी रुस्वाई मत करना,
जब दील ऊब जाए हमसे तो बता देना,
न बताकर बेवफाई मत करना
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

Dil Ke Halaat.........

Na khwabon me dekha, na nazaron me dekha,
Hazaron me ek humne tum hi ko dekha,

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

Gum dene wale to har pal hai yahan,
Har pal khushi dene walon me ek aap hi ko dekha।

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

कया होगी इस दील की हालत...........

आज एहसास के दामन में आन्सुं गीरा के तो देखो,
प्यार कीतना सच्चा है दील लगा के तो देखो,
आपको भूल के कया hogi इस दील की हालत,
कीसी आईने पर पत्थर गीरा के तो देखो.............

Saturday, March 1, 2008

आपकी दोसती की एक नज़र चाहिए;
दील है बेघर उसे एक घर चाहिए
बस यूं ही साथ चलते रहो ऐ दोसत;
यह दोसती हमे उमर भर चाहिए
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

Tarap रहा हू पयार में कैसे यह बता नही सकता,
दील में लगी है आग ऐसी की मैं बुझा नही सकता,
मालूम नही वो बेवफा है या है सिरफ मूजसे खफा,
पर यह जानता हु की मैं उसे भुला नही सकता

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

सौ बेवफाई कबूल है एक वफ़ा क लीये,
सौ आंसू कबूल है एक हँसी क लीये,
हम तो मोहताज है आपकी एक मुस्कराहट के...
सौ दुश्मन काबुल है आपकी एक दोसती के लीये !!

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

पास आकर सभी दूर चले जाते है,
हम अकेले थे अकेले ही रह जाते है,
दील ka दरद कीसे dikhau,
मरहम लगाने वाले ही ज़खम दे जाते है

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

आँखों में आँसू की लकीर बन गई
कभी सोचा न था ऐसी तकदीर बन गई
यू ही फीरा रहा था रेत पर उंगलियाँ
गोर से देखा तो तेरी तस्वीर बन गई

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

तुमाहरी सादगी में जब इतना husn है
तो तुम्हरा shingaar कैसा होगा
तुम्हरे गुस्से में जब इतना प्यार है
तो तुम्हरा पयार कैसा होगा

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
हसी तुम्हारी अचछी सदा युही हस्ते रहना,
प्यार अब करते हो सदा युही करते रहना!!

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

अपनों ने ज़हर ka जाम दे दीया, गैरों ने बेवफा ka नाम दे दीया,
जो कहते थे हमे भूल न जाना, उनहोने ही हमे भूल जाने ka पैगाम दे दीया

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

"हमने भी कभी प्यार कीया था थोड़ा नही बेसुमार कीया था, बदल गई जिंदगी ,
जब उन्होंने कहा यार मैंने तो मजाक कीया था.....!

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

कौन कीसी के लिए हँसता है, कौन कीसी के लीये रोता है, मतलब की इस दुनीया में कौन कीसी ka होता है, अब तो msgg भी वोहो करता है जीसका समस फरी होता है.

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

कीतनी खुशी मीलती है तुझको, दील मेरा तोड़कर
लेकीन ये दील भी तो है, तेरी ही अमानत देखें कब तक तू खुश रहेता है अपनी ही चीज़ को तोड़कर।

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

कभी कीसी से पयार मत करना हो जाए तो इंकार मत करना
नीभा सको तो चलना उसकी राह पर वरना कीसी की जिंदगी बरबाद मत करना

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

चाँद लम्हों की जिंदगानी है, नफरतों से जीया नही करते,
लगता है दुसम्नों से guzarish करनी पड़ेगी, दोसत तो आब याद कीया नही करते

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ


dedekte दील की chahet हो गई huu ,
कल तक नाम कुछ ओर था मेरा पर आज मोहबत हो गई हू।तेरे हर ahesase की tabir बन गई हू ,
कही kahyalo mai सजाया था जीसे तुमने वो तेसेवीर बन गई.
इसे मैं हर पल तेरी चाहेत हो गई हू कल तक नाम कुछ ओर था मेरा पर आज मोह्ह्बत हो गई हू

खामोश दील की कहानी थी,गुमसुम सी आखो की जुबानी थी.
मैं कहता था आखो मैं आसू है वो कहती थी की बारीश ka पानी है.
कहने को वो अकसर खुश रहती थी पर अकसर रातो मैं तारो से कुछ कहती थी
कुछ छुपा था दील मैं उसके,दर्द था शायेद या कोई अधूरी कहानी थी

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ


जब से मीले हो तुम मैं एक उमर जी गया
तेरी ज़ुल्फ़ के साए मैं मेरा इमान भी गया
तसवीर तेरी दील मैं इस कदर उतर गयी
के शराब मैं शबाब तेरा मीला के पी गया।

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

दूर रह कर पास रहा hai बनकर दील मैं अहएससे रहा hai.
खफा हू mager बेवफ्फा मैं नही है,जुदा होकर भी तुझेसे जुदा मैं नही हू.

तेरी चाहत आज भी कही दील मैं रहती hai,करता rahu तुझेसे वफ़ा ये कहता hai.
दर्द को दील मैं छूपय तो पर ये आखो मैं आसू बनकर चला आता hai


ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

जीने के लीये भी वक्त नहीं.......

हर ख़ुशी हैं लोगों के दामन में ,
पर एक हसीं के लीये वक्त नहीं...


दीन रात दौड़ती दुनीया में ,
जींदगी के लीये वक्त नहीं.....


सारे नाम मोबइल में हैं,
पर दोस्ती के लीये वक्त नहीं ....


सारे रीशतों को तो हम मार चुके हैं,
अब उन्हें दफ़नाने का भी वक्त नहीं.....


आँखों में हैं नींद बड़ी ,
पर सोने का वक्त नहीं....


दील हैं गम से भरा हुआ ,
पर रोने का वक्त नहीं....


तू ही बता ए जींदगी ,
इस जींदगी का क्या होगा ????


की हर पल मरने वालों को ,
जीने के लीये भी वक्त नहीं.......

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ


दर्द आखो से बया होता रहा

दर्द आखो से बया होता रहा मुश्किल थी दील की ये की
वो कही न कही रुसवा होता रहा.
कहने को तो दुनीया में बहुत the खुसीया मेरे लीये
fir kyo कही दील तनहाई मैं रोता रहा
ना मागी दुआ rbe से तुझे panne की ,
ना उमीद the मुझे तेरे नाम से janne जाने की
kafaa था वो rbe मुझे से itena ki साया भी मेरा मुझेसे दूर होता रहा.
कीसी एक पल ka jindgi तो बन गया मेरी फ़ीर
कयो हर बार दुआओं मैं kaffa वो rbe मुझे रूठा सा मीला
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

Saturday, February 9, 2008

बाकी है

उनकी मोहब्बत ka अभी nishan बाकी है,
नाम लाबो पर है और जान बाकी है,
कया हुआ अगर देख कर मुह फेर lete है,
Tassali है की शकल की पहचान बाकी है।

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

khoobsoorat

खूबसूरत है वो लब जिन पर दूसरों के लिए एक दुआ है
खूबसूरत है वो मुस्कान जो दूसरों की खुशी देख कर खिल जाए
खूबसूरत है वो दिल जो किसी के दुख मे शामिल हो जाए और किसी के प्यार के रंग मे रंग जाए
खूबसूरत है वो जज़बात जो दूसरो की भावनाओं को समझे
खूबसूरत है वो एहसास जिस मे प्यार की मिठास हो
खूबसूरत है वो बातें जिनमे शामिल हों दोस्ती और प्यार की किस्से कहानियाँ
खूबसूरत है वो आँखे जिनमे कितने खूबसूरत ख्वाब समा जाएँ
खूबसूरत है वो आसूँ जो किसी के ग़म मे बह जाएँ
खूबसूरत है वो हाथ जो किसी के लिए मुश्किल के वक्त सहारा बन जाए
खूबसूरत है वो कदम जो अमन और शान्ति का रास्ता तय कर जाएँ
खूबसूरत है वो सोच जिस मे पूरी दुनिया की भलाई का ख्याल हो

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

Na Koi Meri Manzil Hai Na Kinara......Hai

Na Koi Meri Manzil Hai Na Kinara
Tanhai Meri Mehfil Aur Yaadein Mera Sahara
Unse Bichad Kar Kuch Yun Waqt Guzra
Kabhi Zindagi Ko Tarse Kabhi Maut Ko Pukara

Yaado main kabhi aap bhi khoye hoge
khuli aankho se kabhi aap bhi soye hoge
maana hasna hai aadat gum chupaane ki
par haste haste kabhi aap bhi roye hoge

Jo Poochta Hai Koi Surkh Kiun Hain Aj Ankhain
To Ankh Mal Ke Kheti Hon Ke Raat So Na Saki
Hazar Chahon Magar Yeh Na Khe Sakon Gi Kabhi Bhi
Ke Raat Ronay Ki Khuwhish Thi Magar Roo Na Saki

Chand Lamhaaat Ke Waaste Hi Sahi
Muskuraakar Mili Thi Mujhe Jindagi
Teri Aaghosh Mein Din The Mere Kate
Teri Baahon Mein Thi Meri Raate Kati
Aaj Bhi Jab Woh Pal Mujhko Yaad Aate Hai
Dil Se Saare Gamon Ko Bhula Jaate Hai
Beete Lamhein Hamein Jab Bhi Yaad Aate है

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ


दोसती

दोस्ती हम यूं ही नही कर बैठे,

क्या करे हमारी पसंद ही कुछ "ख़ास" है. .

चिरागों से अगर अँधेरा दूर होता,

तोह चाँद की चाहत किसे होती.

कट सकती अगर अकेले जिन्दगी,

तो दोस्ती नाम की चीज़ ही न होती.

कभी किसी से जीकर ऐ जुदाई मत करना,

इस दोस्त से कभी रुसवाई मत करना,

जब दिल उब जाए हमसे तोह बता देना,

न बताकर बेवफाई मत करना.

दोस्ती सची हो तो वक्त रुक जता है

अस्मा लाख ऊँचा हो मगर झुक जता है

दोस्ती मे दुनिया लाख बने रुकावट,

अगर दोस्त सचा हो तो खुदा भी झुक जता है.

दोस्ती वो एहसास है जो मिटती नही.

दोस्ती पर्वत है वोह, जोह झुकता नही,

इसकी कीमत क्या है पूछो हमसे,

यह वो "अनमोल" मोटी है जो बिकता नही . . .

सची है दोस्ती आजमा के देखो..

करके यकीं मुझपर मेरे पास आके देखो,

बदलता नही कभी सोना अपना रंग ,

चाहे जितनी बार आग मे जला के देखो

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

आंसो

जिंदगी में बहुत बार वक़्त ऐसा आएगा,
जब आपको कोई चाहने वाला ही आपको रुलायेगा |
मगर viswas रखना उस पर,
अकेले में वो आपसे भी कही जयादा आंसो बाहेगा |

दरद-ए-दील

मुझे दरद-ए-इशक का मज़ा मालूम है,
दरद-ए-दील की इंतेहा मालूम है,
मुझे मुसकुराने की दुआ न दो,
मुझे पल भर मुसकुराने की सजा मालूम है


ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

derd aakho se baya hota raha

derd aakho se baya hota raha muskil thi dil ki ye ki vo kahi na kahi ruseva hota raha.
kahne ko to duniya mai bahut the khusiya mere liye fir kyo kahi dil tanhayi mai rota raha.naa magi duaa rbe se tujhe panne ki ,naa umeed the mujhe tere naam se janne jane ki.kafaa tha vo rbe mujhe se itena ki saya bhi mera mujhese dur hota raha.kisaa ek pal ka jindgi to ban gyaa meri fir kyo har baar duaao mai kaffa vo rbe mujhe rutaa sa mila

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

har baat kase ho jati hai ager ho humsefer koi sath to jindagi ek ahesase ho jati hai .kya huaa jo har mode par koi gum mil jata hai kahi kisi mode par ese hi kabhi khusiyo ki baresst ho jati hai.naa aasemano ki chahat hume,naa sitaro ka vaseta humese.hum use jami par rehte hai jaha ter chare par subhe aor aor teri baato se sham ho jati hai.kya kahena ise jindgi ka jo tere sag aor bhi kase ho jati hai


ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

koi hume yaad kiya kerta hai ,uhi din raat kiya kerta hai. teseveer bana kar hamari dil maiuse sepeno mai sakar kiya kerta hai.apni tenhaiyo mai kude ki parchayi ko akes semjhe kar hamara humese baat kiya kerta hai.mil jaye kisi mode par to hum use ye soch kar humara intjaar kiya kerta hai .bas itena hi pata hai ki koi hume yaad kiya kerta hai uhi din raat kiya kerta hai



ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ


Chand lamhon ki zindagani hai, nafraton se jiya nahi karte,
Lagta hai dusamanon se guzarish karni padegi, dost to aab yaad kiya nahi karte

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
dedekte dil ki chahet ho gyee huu ,kal tak naam kuch aor tha mera par aaj mohhobat ho gyee hu.tere har ahesase ki tabir ban gyee huu ,kahi kahyalo mai sazaya tha jise tumne vo teseveer ban gyee.ese mai har pal teri chahet ho gyee huu kal tak naam kuch aor tha mera par aaj mohhbat ho gyee huu

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

WAITING TO TALK TO HER

♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥¯`♥
Kya kahey kay kuch kaha nahi jata,
Teri aawaz sune bina ab raha nahi jata,
Baat tau hum dono hi ek dusre se karna chahte hai,
par kya karein hum jab
khuda hi ye khushi hume dena nahi chahta.
♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥¯`♥

उसने मुझे ऐसा बना दीया

Hum to SHAYAR na they kabhi.....
SHAYARI to unki YAADON ne sikha di hume !!

Hum to ASHIQ na they kabhi.....
ASHIQUI to unki BAATON ne sikha di hume !!

Hum to DEEWANE na they kabhi...
DEEWANGI to unke PYAR ne sikha di hume !!

Hum to ROTE na they kabhi....
RONA to unki TANHAIYO ne sikha diya hume !!

SHABDO KO PYAR BHARE ALFAZO mein bolne wale to hum na they....
IS TARAH bolna unki MOHABBAT ne sikha diya hume !!

APNE PYAR KA ISHAAR karne wale to hum na they....
lekin unke IKRAAR ne ISHAAR karna bhi sikha diya hume !!


ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ


हेर बिओग्रफ्य ऎंड शे लोवेद आईटी

मुझसे कहती थी वो...
के इश्क नही होता किसी से !!!
मोहब्बत नही होती किसी से !!!

प्यार तो दो पल का ब्रह्म होता है,
कोई किसी पे उम्र भर मरता नही....

शुरुवात में बड़ी-बड़ी कसम खाते है ये लोग,
लेकिन उन्हें निभाते नही है ये लोग,
प्यार में धोके दे जाते है प्यार करने वाले....
बेवफाई करके किसी और का हाथ थम लेते है ये लोग.

मुझसे भी कहती थी वो....
के इश्क नही होता किसी से !!!
मोहब्बत नही होती किसी से !!!
मगर मैंने भी कहा के
मुझे इश्क है,
सिर्फ और सिर्फ तुझी से.....

मुझसे कहती थी वो की मैं उसे छोड़ दूं,
उसके बिना रहने की आदत अपनेआप में दाल लूं,

मुझसे कहती थी वो,
के मेरे बिना रह लेगी वो,
मुझसे बिना मिले जी लेगी वो,
चाहती थी मुझे फिर भी ऐसा कहती थी वो,
न जाने किस बात से डरती थी वो......

दूर होना चाह जब मैंने उससे,
तौ मुझी से लिपट गयी वो,
मेरा बिना रहने से मुकर गयी वो.....

फिर भी मुझे कहती है वो,
के इश्क नही होता किसी से !!!!!!
मोहब्बत नही होती किसी से !!!!!!

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

मेरी चाहत


अपने डिल में तुझे बसना चाहता हूँ,
खुदको तेरी मोहब्बत का मोहताज बनाना चाहता हूँ,

तेरे साथ रहकर तेरे गमो को भुल्वाना चाहता हूँ,
तेरी ज़िंदगी में अपने प्यार का रंग भरना चाहता हूँ,
तेरी खुशियों के लिए भगवन से लड़ना चाहता हूँ,

तुम्हारी बाँहों में मैं खुद को छुपाना चाहता हूँ,
अपने हाथो से तेरी जुल्फों को सवर्ण चाहता हूँ,
अपने प्यार से तेरे गालों को सहलाना चाहता हूँ,
साथ तेरे अपनी अलग दुनिया बसना चाहता हूँ,


चाहत है ये मेरी,
जिसे में अपनी जान से भी ज्यादा चाहता हूँ...

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

अगर मुझे वो मिल जाती ........

अगर मुझे तुम मिल जाते,
तौ मुझे खुदा मिल जाता,
सारा जहाँ मेरे नाम हो जाता,
सारी खुशिया मुझे मिल जाती,
बाँहों में अपनी मैं तुझे भरे रखता !!!


अगर मुझे तुम मिल जाते,
तौ रोने के कोई आशियाने न होते,
तनहा खुद को हम महसूस न करते,
लम्हे ये सुहाने हमे न मिलते !!!


अगर मुझे तुम मिल जाते,
तौ हम तुम्हारे लिए,

शायरी न लीख पाते....

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ


Friday, February 1, 2008

कोई धोखा जो

कोई धोखा ऐसा जो न खाया हमने
ज़िंदगी फिर भी तेरा साथ निभाया हमने
कभी म्हणत का सिला अपनी न पाया हुने
छाव औरून को मिली पेड़ लगाया हमने
जब कभी घाम की घटाओं ने मुघे घेर लिया
हर सुकून मान तेरी गोद मी पाया हमने
ये वाता वतन सिर्फ तेरी आब्रों रखने के लिय
खून अपनों का कई बार बहाया हमने
उम्र भर घाम की कड़ी धुप थी और
कही देखा न किसी पेड़ का साया हमने

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

Kuch pal...

Maang raha hoon kuch pal,
Zindagi yeh poori karne ke liye...
Dhoond rahan hoon kuch alfaaz,
Khat unke naam yeh likhne ke liye...

Samet raha hoon yaadein,
Thodi khushi paane ke liye...
Dhoond raha hoon kuch alfaaz,
Apne dil ka haal sunane ke liye...

Ehtiyat barat-te hain hum,
Bachi khushiyon ko bachane ke liye...
Dhoond raha hoon kuch alfaaz,
Apne pyaar ki dastaan likhne ke liye

मैं नही मेरे लिए....

मैं नही खुद के लिए,हूँ मैं तेरे लिए,
खुद को ज़ख्म देकर आपको हस्सने के लिए...

हमने क्या क्या न किया तेरे चले जाने के बाद,
तुझे ही याद किया तुझ को भुलाने के लिए...

यह खिज़ा,यह अँधेरे,यह वीराना सा सफर,
हम तो निकले थे कहीं और ही जाने के लिए...

आइना देख के हैरान सा हो जाता हूँ,
खुद को ही भूल गया आप को पाने के लिए...

यूँ रकीबों से हस हस के क्यों मिलते हो सनम,
तेरी बेरुखी ही बहुत थी dil को जलाने के लिए...

यह जो चलाकता है आंखों से..इससे पानी न कहो,
यह तो मोती हैं मेरे प्यार को सजाने के लिए...

और भी गम है दुनीया में मोहबत के सीवा गालीब

kehete hai shayara ashiq mizaz hotein hai
dil ke dard ko kalama se utarate hai
khuda ki aashiqui pe khudahi rotein hai
gam ke sailaba mei dooba doob maratein hai
khuda to dooba maratai hai
satha mai kahi aauronko duba detain hai
duniya bhi ro detihai
ke aashiq ka janaja hai..!
are aashiq.... !
kya paya tune...gara piroyan kucha labjonko
kalama ki dharapar..
gara bahaya kucha bundono ko
ankhonke thara par
kabhi uthakara dekha kalam un bachchonke naam par
jo bikharajatein hai jindagi ki kagar par..!
bahakar dekha aasun un bhooke nanage cheharonpar
jo dhulatein hai sirf barishake bundon par..!
savara kara dekha ek bachapana
sakara kara kisi ek ka sapana
ek bara dil ko tokana
phira tatolana...!
kya mohabbat hai...??? kya jindagi hai॥???

हम तुम्हे

हम तुम्हे पा न सकेंगे, बरसों चाहेने के बाद
कोई तुम्हे यू ही ले जायगा, चंद रस्म नीभाने के बाद

रात यूं dil में

रात यूं dil में तेरी, खोयी हुई याद आई,
जैसे वीराने में चुपके से बहार आ जाये,
जैसे सहराओं में हौले से चले बाद-ए-नसीम,
जैसे बीमार को बे-वजाह कुरार आ जाये.

ह्य दार,

हम भूले कब थे जो इतना centy हो गयी
हम वो हैं जो jahannum तक पीछा नहीं छोड़ते,,,,,
तुम भूलने की बात करते हो हम तुम्हे भूलने भी नहीं देंगे
जाओगे तुम जहाँ हमे याद करो करोगे वहाँ

पयार को पयार से कहा,

प्यार को प्यार से कहा,
प्यार से एक प्यारी बात कह दो,
उसने हंस कर कहा.........
क्या नादानी है तेरी..........
अभी वक़्त नही है ये सब कहने-सुनने की......!!
प्यार को प्यार से कहा,
मेरी आंखो मैं क्या तुझे नज़र अत है?
उसने हंस कर कहा........
क्या नादानी है तेरी......
अभी वक़्त नही है तेरी आंखो मैं डूब जाने की...!!
प्यार को प्यार से कहा....
तेरे बगैर एक लम्हा सदियों सा लगता है,
उसने हंस कर कहा.......
क्या नादानी है तेरी......
अभी फुरसत नही है तेरे ख्यालों मैं खो जाने की...!!
वक़्त उन ही चलता रह.....
ऐसे ही सवालों मैं.....
एक दिन वो भी आया....
जब प्यार ने फिर हमसे प्यार से कहा,
अब हम जा रहे तुमसे दूर,
जब भी फुरसत मिले कह देना,
वही प्यार से एक प्यारी बात..!!

मेरी मान हो तुम

थोडी हसीं हो तुम
थोडी नादाँ हो तुम
हाँ मगर यह सच है
हमारी दोस्ती कि जान हो तुम
मेरे साँसों कि आवाज़ हो तुम
मेरे आंखों का इंतज़ार हो तुम
मेरे इमान मेरी शान मेरा मान हो तुम
थोडा बेईमान हो तुम
हाँ मगर यह सच है
मेरे भगवान् हो तुम
थोडे. उम्मीद की कीरण हो तुम


ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

तुम बिन जी पाना नामुमकिन,
एस लिए तुझे याद करते है.
तुम आओगी वापस ये लगता है हमको
इसलिए हम उओपर वाले से फरियाद करते है ...

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

वाफा

यूं तोह हम कीसी का पीछा नहीं करते,
dard ए dil लीया और दीया नहीं करते, ....
मागर वो कया जाने k धोका भी zindagi देती है मौत नही ...

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

तभी तो हमे kisi पर vishvaas नही न ही zindagi पर और न ही मौत पर
कौन कब कहाँ धोखा देदे ये कीसी ko नही पता isliye हर पल को जीते हैं हम
न जाने कब कया हो जाये,,,,
ताकी हमे न तो zindagi से कोई शीक्वा रहे और न ही मौत से कोई शीकवा रह्ये

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

खूबसूरत वह ज़माने याद आएंगे,
चाह कर भी हम तुम्हे न भूल पाएंगे,
आये शम्मा तेरे दीदार को हम तराश जाये,
बनकर परवाना तेरी याद में जल जायेंगे.

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ


सुना वो भी नही करते, कहा हम भी नही करते..

मिल वह भी नही करते, मिल हम भी नही करते

वफ़ा वह भी नही करते, वफ़ा हम भी नही करते,

उन्हें रुसवाई का दुःख, हमें तन्हाई का दर्र

गिला वह भी नही करते, शिकवा हम भी नही करते

किसी मोर्र पेर टकराव हो जाता है अक्सर

रुका वह भी नही करते, टू ठहर हम भी करते.

जब भी देखते हैं उन्हें, सोचते हैं कुछ कहें उनसे

सुना वह भी नही करते, कहा हम भी नही करते.

लेकिन! यह भी सच है के मोहब्बत उन्हें भी है

इजहार वह भी नही करते, कहा हम भी नही करते

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ



Na rahi aaj wo apni kahani, Na wo hasin din na wo raatein suhani, Phir
bhi hume aziz hai unki har nishaani, Chahe dil ka wo dard ho ya aankho ka paani...


ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

Kisike dil me basna bura to nahi,kisiko dil me basana khata to
nahi,gunah hai ye zamane ki nazar me to kya hua,zamaane wale bhi insaan
hain khuda to nahi.
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

Vaqt k kuch lamho ki gujaarish hai
Mushkilo k saath chalne ki hame khwaish hai
Zindagi ham kuchh is tarah se jite hai k,
Har pal hoslon ki aajmaayish hai,
Chalkar girna, gir kar sambhalana,
Na phir girne ki koi gunjaayish hai.

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ



ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
A special world for you and me
A special bond one cannot see
It wraps us up in its cocoon
And holds us fiercely in its womb.

Its fingers spread like fine spun gold
Gently nestling us to the fold
Like silken thread it holds us fast
Bonds like this are meant to last.

And though at times a thread may break
A new one forms in its wake
To bind us closer and keep us strong
In a special world, where we belong.


ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

Bahut.dard.hain.seene.mein
K.aaj.batane.ko.jee.chahta.hai
Kaise.kahun.us.shaqs.ko
K.aaj.nazrein.milaane.ko.jee.chahta.hai
Kaandhe.pe.rakh.ke.sar.kisi.K
Aaj.ro.jaane.ko.jee.chahta.hai
Narazgiyon.ke.nishano.ko
Ashkhon.se.mitaane.ko.jee.chahta.hai
Bahut.dard.hain.seene.mein
K.aaj.batane.ko.jee.chahta.hai

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

सीतम...


एक मुद्दत हुई तुझे देखा नही मैंने,
मिलने पर मेरे अन्सुओ का हाल पूछना जरूर.

अब टोह खुली आंखो से हे सोने लगा ह मैं,
जब भी नींद आये मेरे ख्वाबो मी आना जरूर.

अब लगता है रोना हे भूल चूका हूँ मैं,
तुम बस एक बार मुझे रुलाना जरूर.

लोग कहते है अब मैं मर चूका हूँ,
तुम मुझे जिंदा होने का एहसास दिलाना जरूर.

ग़मों कि किताब लिखनी है और स्याही है मेरे आंसू,
पर तुम हर पल खुशियों मी मुस्कुराना जरूर.

बाद मौत के एक हलकी मुस्कुरात रहेगी चेहरे पर,
बस एक बार प्यार से मेरा सिर सहलाना जरूर.

तेरी राह देखते-२ आज खामोश हो गयी मेरी आँखे,
तू मेरी खुली आंखो से एक बार नज़रे मिलाना जरूर.

तुम्हारी हर एक मुस्कान हिफाज़त से संभाली है मैंने,
मेरी भी कुछ निशानियों पे तुम अपना हक जाताना जरूर.

जीते जी मिलना अब मुमकिन न होगा ए हुम्नाफाज़,
मजार पर मेरी तुम आना जरूर.

ए खुदा जिंदगी को टोह मैंने हे खूब सजा दे दी,
तू मेरी रूह पर जुल्म धना जरूर.

क्या करू तेरे सितम के लिए टोह ये जिंदगी कम पद गयी,
बस एक बार तू मुझे फिर से इंसान बनाना जरूर...

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

फूलों सी नाजुक

फूलों सी नाजुक चीज है दोस्ती, सुर्ख गुलाब की महक है दोस्ती,
सदा हँसने हँसाने वाला पल है दोस्ती,दुखों के सागर में एक कश्ती है दोस्ती,
काँटों के दामन में महकता फूल है दोस्ती, जिंदगी भर साथ निभाने वाला रिश्ता है दोस्ती ,
रिश्तों की नाजुकता समझाती है दोस्ती, रिश्तों में विश्वास दिलाती है दोस्ती,
तन्हाई में सहारा है दोस्ती, मझधार में किनारा है दोस्ती,
जिंदगी भर जीवन में महकती है दोस्ती, किसी-किसी के नसीब में आती है दोस्ती,
हर खुशी हर गम का सहारा है दोस्ती, हर आँख में बसने वाला नजारा है दोस्ती,
कमी है इस जमीं पर पूजने वालों की वरना इस जमीं पर "खुदा" है दोस्ती

तुमसे कहना तो चाते है

तुम्हे कहना तो चाते है
कह नही पाते है
तुम हो मेरे हमसफ़र
सफर कि वो मुलाक़ात
भुला नही पाते है
चांदनी रात मी हम
चाँद से आँख चुराते है
तुम्हे कहना तो चाते है बहुत
पर कह नही पाते है
डिल में है कितने गीत मेरे
किसी को सुना नही पाते है
दर्द है कितना गीत गीत में
उन गीतों को हम गुनगुना
नही पाते है
तुमसे कहना तो चाते है
पर कह नही पाते है

मुझसे पूछो...


तुम सूनी आंखो को देख कर डरते हो,
मुझसे पूछो आंखें बेजान क्या होती है.

देखा होगा तुमने लोगों को दर्द के साथ मुस्कुराते हुए,
मुझसे पूछो आँसुओ के साए मी मुस्कान क्या होती है.

राहों के पत्थर भी अब गैरत से देखने लगे है,
मुझसे पूछो खोयी हुई पहचान क्या होती है.

रेत के महल कि तरह बिखर गयी ख्वैस्हें डिल कि,
मुझसे पूछो अरमानों कि दुनिया विरान क्या होती है.

जाने वाला तो अपने कदमो के निशान भी मिटा गया,
मुझसे पूछो इंतज़ार मी आंखें निगेहबान क्या होती है.

युही मंजूर नही कर लेटा कोई दर्द के साथ जीना,
मुझसे पूछो तकलीफ टूटने पर एक अरमान क्या होती है.

तुम्हे टोह मरने के बाद आंसू बहाने का मौका भी नही मिलेगा,
मुझसे पूछो डिल मी अस्कों से भीगी शमशान क्या होती है...

सीतम...


एक मुद्दत हुई तुझे देखा नही मैंने,
मिलने पर मेरे अन्सुओ का हाल पूछना जरूर.

अब टोह खुली आंखो से हे सोने लगा ह मैं,
जब भी नींद आये मेरे ख्वाबो मी आना जरूर.

अब लगता है रोना हे भूल चूका हूँ मैं,
तुम बस एक बार मुझे रुलाना जरूर.

लोग कहते है अब मैं मर चूका हूँ,
तुम मुझे जिंदा होने का एहसास दिलाना जरूर.

ग़मों कि किताब लिखनी है और स्याही है मेरे आंसू,
पर तुम हर पल खुशियों मी मुस्कुराना जरूर.

बाद मौत के एक हलकी मुस्कुरात रहेगी चेहरे पर,
बस एक बार प्यार से मेरा सिर सहलाना जरूर.

तेरी राह देखते-२ आज खामोश हो गयी मेरी आँखे,
तू मेरी खुली आंखो से एक बार नज़रे मिलाना जरूर.

तुम्हारी हर एक मुस्कान हिफाज़त से संभाली है मैंने,
मेरी भी कुछ निशानियों पे तुम अपना हक जाताना जरूर.

जीते जी मिलना अब मुमकिन न होगा ए हुम्नाफाज़,
मजार पर मेरी तुम आना जरूर.

ए खुदा जिंदगी को टोह मैंने हे खूब सजा दे दी,
तू मेरी रूह पर जुल्म धना जरूर.

क्या करू तेरे सितम के लिए टोह ये जिंदगी कम पद गयी,
बस एक बार तू मुझे फिर से इंसान बनाना जरूर...

आस्मान की ओढ़ देख उसकी याद आती है

आस्मान की ओर
देख उसकी याद अति है

मगर कहते हैं!
याद तो उसकी आती है जिसे भुलाया जाता है....

तारों के हुजूम में एक तारा ख़ुशी से चमकता है
उसे देख कर शिद्दत से याद आती है...

मगर कहते हैं!
याद तो उसकी आती है जिसे भुलाया जाता है....

घर कि रोनक उसी से थी
अब आस्मान को देख कर अन्सौं कि लहर दौर जाती है...

मगर कहते हैं!
याद तो उसकी आती है जिसे भुलाया जाता है....

सूरज कि रौशनी से रोशन है ये जहाँ..
मगर उसकी रौशनी से रोशन है दूसरा जहाँ.....

ये सोच उसकी यद् तरसाती है

आस्मान कि ओर्ध
देख उसकी याद अति है

मगर कहते हैं!
याद तो उसकी अति है जिसे भुलाया जाता है......

एक रीश्ता

तुम्हे याद है न एक रिश्ता बोया है
तेरे आगोश मई अश्को से सींचा है
अपने लुम्स से पलना इसे
और ख्याल रखना जब मेरे अरमान फर्ने लगे
कोई आरजू जब कलि बन जाये
तो अपने शफ्फाक होतों से छू लेना
देखना कैसे कलि फूल बनती है
छुपा लेना अपने साए मई
घेर कर अपनी मजबूत बाहों से
और मैं तेरे सीने पे सर रख कर
उस पलते बड़ते रिश्ते को जी लुंगी
तुम्हे याद है न एक रिश्ता बोया है

♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥¯`♥

दर्द बनकर रह गया.......

खुदा से मैंने जिन खुशिओं की मन्नतें मांगी
उन्ही खुशियों की टू उसने मैयातें उठा दी

जिन ख्वाबों को डिल मी सजा कर रखा
उन्ही ख्वाबों की उसने अर्थी सजा दी

सुना था की खुदा हर मुश्किल मी साथ निभाता है
पर आज इसने हमारा साथ क्यों छोड़ दीया

इतने सवाल खडे किये इस डिल मी इसने
टू आज उन्ही सवालों का जवाब देने से मुंह क्यों मोड़ दीया

वो टू तू ही था न जिसकी मैंने पूजा की थी
फिर आज क्यों तू पत्थर का बन कर रह गया

उम्मीदें बनकर मेरी इस जिंदगी में
आज उन्ही क साथ पानी बनकर बह गया

क्या किया था मैंने ऐसा
जिसकी सजा तुने मुझे दी है

जिसको चाह मैंने इतना
अज वो इस डिल मी दर्द बनकर रह गया

♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥¯`♥

नरम आवाज़ भली बातें पहली बारिश में ही ये रंग उतर जाते हैं ,
दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं ।
ज़ख्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते है ,
दर्द के फूल भी खीलते हैं बीखर जाते हैं


♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥¯`♥

यू ही तलाश करते हो तुम वफ़ा का नाम
यहाँ दुनिया मी इस नाम की कोई चीज नही है मिलती

ये है दुनिया अजब सी रंगो मी रंगी हुयी
यहाँ कभी किसी को अपनी पसंद की मंजिल नही मिलती

एक बहाना है बस ये की हम मुस्करा देते हैं यू ही
वरना गौर से देखो यहाँ लबो पेर अब हंसी भी नही मिलती !!

♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥¯`♥

मेरे लाफजो मे बयान मेरा ही अफसाना है
अब मैं तुझसे कैसे कहू की तू इस से अनजाना है

छिपे हैं मेरी मुस्कराहट मी अभी कुछ दर्द नए
तेरे लबो पर हंसी है टू मुझे भी मुस्कुराना है

मर चुके हैं हम टू अपनी मौत से पहले
अब किस तरह कहे की इस ज़िंदगी को जी के जान है

दवा करे अब हम अपने किस किस दर्द की यहाँ
यहाँ हर दवा ने भी मुझे दर्द ही दे जान है

जाते जाते मेरी राहों से मुझे आवाज़ न देना
बहक न जाये मेरा डिल फिर से ये टू दीवाना है !!

♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥¯`♥

तुझसे बिचार के मेरा वजूद भी कहाँ है
इस डिल की दीवारों मे आहें हैं और सिसकियाँ है

मैं राहू कही भी इस दुनिया मे
बस तू ही तू मेरे साँसों के दरमियाँ है

है खबर कहाँ अब अपनी तनहाइयों की
बस तेरी ही यादो का काफिला अब यहाँ है

बिछी हुई है सब तरफ एक खामोशी की चादर
फिर भी तेरी सादाओ का मेहेकता बागबान यहाँ है

दिकहो न सपने हमे उस दुनिया के अब तुम सनम
जहा हकीकत है कम और खावाबो से रोशन सारा जहाँ है

♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥¯`♥

Dua

Sunte hain ke mil jaati hai
har cheez dua se
Ek roz tumhain maang ke
dekhenge Khuda se

Duniya bhi mili hai,
gham-e-duniya bhi mila hai
Vo kyon nahin milta
jise maanga tha khuda se

जिस को समझा था तू ने रकीब,वो तेरा नसीब था

तेरे नाम की थी जो रौशनी उसे खुद तुने बुझा दीया
जिस्सको जला सकी थी न धुप उसे चांदनी ने जला दीया

में हूँ गर्दिशों का मारा हुवा मुझे अब अपनी खबर नही
वो जो शख्स था मेरा रहनुमा उसे रास्तों मी गंवा दीया

जिस को समझा था तू ने रकीब,वो तेरा नसीब था
तेरे हाथ की लकीर था,उसे तू ने हाथ से ही मिटा दीया

मुझे इश्क है के जूनून, ये फैसला कभी न हो सका
मेरा नाम जीनत-ए-दस्त था,इसे आँधियों ने मिटा दीया

ये उदासियू का जमाल हा , के मरैव्ज-ए-कमल है
के कभी जात से भी चुप लिया, टू कभी शहर भर को सुना दीया

मेरी उम्र का गुलिस्तान अभी खुला हुवा है ज़रूर पर
वो जो फूल थे तेरी छह के उनको मौसमों ने गिरा दीया

WAITING TO TALK TO HER

♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥¯`♥
क्या कहे के कुछ कहा नही जाता,
तेरी आवाज़ सुने बिना अब रह नही जाता,
बात तौ हम दोनो ही एक दुसरे से करना चाहते है,
पर क्या करें हम जब
खुदा ही ये ख़ुशी हमे देना नही चाहता.
♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥´¯`♥¯`♥

अगर मुझे वो मिल जाती ........

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

अगर मुझे तुम मिल जाते,
तौ मुझे खुदा मिल जाता,
सारा जहाँ मेरे नाम हो जाता,
साड़ी खुशिया मुझे मिल जाती,
बाँहों में अपनी मई तुझे भरे रखता !!!


अगर मुझे तुम मिल जाते,
तौ रोने के कोई आशियाने न होते,
तनहा खुद को हम महसूस न करते,
लम्हे ये सुहाने हमे न मिलते !!!


अगर मुझे तुम मिल जाते,
तौ हम तुम्हारे लिए,

शायरी न लिख पते....

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

मेरी चाहत

╠◊◊≡≡≡≡≡≡≡≡≡◊║◊ﻉﻸణﻼణﻼﻸﻉ◊║◊≡≡≡≡≡≡≡≡≡◊◊╣

अपने डिल में तुझे बसना चाहता हूँ,
खुदको तेरी मोहब्बत का मोहताज बनाना चाहता हूँ,

तेरे साथ रहकर तेरे गमो को भुल्वाना चाहता हूँ,
तेरी ज़िंदगी में अपने प्यार का रंग भरना चाहता हूँ,
तेरी खुशियों के लिए भगवन से लड़ना चाहता हूँ,

तुम्हारी बाँहों में मई खुद को छुपाना चाहता हूँ,
अपने हाथो से तेरी जुल्फों को सवर्ण चाहता हूँ,
अपने प्यार से तेरे गालों को सहलाना चाहता हूँ,
साथ तेरे अपनी अलग दुनिया बसना चाहता हूँ,


चाहत है ये मेरी,
जिसे में अपनी जान से भी ज्यादा चाहता हूँ...


╠◊◊≡≡≡≡≡≡≡≡≡◊║◊ﻉﻸణﻼణﻼﻸﻉ◊║◊≡≡≡≡≡≡≡≡≡◊◊╣

उसने मुझे ऐसा बना दीया

हम टू शायर न थे कभी.....
शायरी टू उनकी यादों ने सिखा दी हमे !!

हम टू आशिक न थे कभी.....
अशिकुई टू उनकी बातों ने सिखा दी हमे !!

हम टू दीवाने न थे कभी...
दीवानगी टू उनके प्यार ने सिखा दी हमे !!

हम टू रोते न थे कभी....
रोना टू उनकी तनहइयो ने सिखा दीया हमे !!

शब्दों को प्यार भरे अल्फजो में बोलने वाले टू हम न थे....
इस तरह बोलना उनकी मोहब्बत ने सिखा दीया हमे !!

अपने प्यार का इशार करने वाले टू हम न थे....
लेकिन उनके इकरार ने इशार करना भी सिखा दीया हमे !!

HER BIOGRAPHY AND SHE LOVED IT

मुझसे कहती थी वो...
के इश्क नही होता किसी से !!!
मोहब्बत नही होती किसी से !!!

प्यार तो दो पल का ब्रह्म होता है,
कोई किसी पे उम्र भर मरता नही....

शुरुवात में बड़ी-बड़ी कसम खाते है ये लोग,
लेकिन उन्हें निभाते नही है ये लोग,
प्यार में धोके दे जाते है प्यार करने वाले....
बेवफाई करके किसी और का हाथ थम लेते है ये लोग.

मुझसे भी कहती थी वो....
के इश्क नही होता किसी से !!!
मोहब्बत नही होती किसी से !!!
मगर मैंने भी कहा के
मुझे इश्क है,
सिर्फ और सिर्फ तुझी से.....

मुझसे कहती थी वो कि मई उसे छोड़ दूं,
उसके बिना रहने कि आदत अपनेआप में दाल लूं,

मुझसे कहती थी वो,
के मेरे बिना रह लेगी वो,
मुझसे बिना मिले जी लेगी वो,
चाहती थी मुझे फिर भी ऐसा कहती थी वो,
न जाने किस बात से डरती थी वो ......

दूर होना चाह जब मैंने उससे,
तौ मुझी से लिपट गयी वो ,
मेरा बिना रहने से मुकर गयी वो .....

फिर भी मुझे कहती है वो ,
के इश्क नही होता किसी से !!!!!!
मोहब्बत नही होती किसी से !!!!!!

TADPANE KE LIYE AA...

Ranjish hi sahi dil hi dukhane k lie aa
Aa phir se mujhe chhor k jane k lie aa
Kis kis ko bataenge judai ka sabab hum
Tu mujhse khafa hai to zamane k lie aa॥


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TADPANE KE LIYE AA...


Tu khush nahi dekh sakta mujhe,
Toh mujhe rulane ke liye he aa.

Sikwa nahi agar apna na sako mujhe,
Tu mujhe thukrane ke liye he aa.

Has naaz uthaye the maine tere,
Aaj tu bhi toh mujhe manane ke liye aa.

Bas ek aakhiri jhalak apni dikha de,
Kuch nahi toh mujhe satane ke liye he aa.

Jaanta hoon kabhi pyar nahi kar sakte mujhe,
Toh tu nafrat badhane ke liye he aa.

Kahin bhul na jaau tumhe yaad kar ke rona,
Tu mujhe apni yaad dilane ke liye he aa.

Tumne toh mujhe kabhi bhi apna nahi mana,
Toh ek jhootha rishta nibhane ke liye he aa.

Tu mujhe pyar se gale nahi laga sakta toh na sahi,
Kam se kam apni gairat dikhane ke liye he aa.

Marhoom rahi ye zindgi khushiyon se to kya hua,
Tu mujhe har janam me yuhi tadpane ke liye aa...


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काची दीवार हूँ ठोकर न लगना मुज्को,
अपनी नज़रों में बसा कर न गिराना मुज्को !

तुमको आंखो में तसवुर कि तरह रखता हूँ,
डिल में दध्कन कि तरह तुम भी बसना मुज्को !

बात करने में जो मुश्किल हो तुम्हे महफिल में,
मैं समझ जाऊँगा नज़रों से बताना मुज्को !

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उसकी प्यार में.... दर्द को बे प्यार करने लगे.......
उसकी याद में.... तन्हाई को बे चाहने लगे.....
उसकी खुसी में.... अपनी दुःख को बे कभुल करने लगे.....
उसकी धोखे में भी..... उसकी साथ महसूस करने लगे.....

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yaad tak na aayi

itni shiddat se chaha jisko
usko to hamari yaad tak na aayi
jab hothon par humare naam tha unka
tab unki zuban par hamari baat tak na aayi
unki salaamati ki dua karte the jab
tab unke dil se bad dua ki khairaat tak naa aayi
itni shiddat se chaha jisko
us insaan ko hamari yaad tak na aayi.......

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Kirdar badal gaye,ab badli si ye kahani hai,
Zindagi me mithaas thi ab zeher ka paani hai,
Mere zakhmon par marham na lagaao,
Mere paas bas yahi ek us ke pyaar ki nishani hai

Mujhe Mout Ke Pahlu Me So Jane Do…

Mat roko rone do mujhe,
Aansuon ko pee jane do…..

Woh chali gayi apni yaaden dekar,
Uski yaadon mein he kho jane do…..

Har pal roti hai aankhe meri,
Ke ashkon ko bhi jum jane do…..

Ab to din ke ujale se bhi dar lagta hai,
Mujhe raat ke andhere me hi rahne do…..

Kaise bayaan karoon dil ka dard lafzon me,
Ankho ko he sab keh jane do…..

Ab saha nahi jata usse judaai ka dard,
Ke zahar ko hi mukti samajh kar apnane do…..

Ab koi tamanna nahi meri jeene ki,
Mujhe mout ke pehlu me so jane do…


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E khuda kyun ye kaale baadal itne kareeb hai,
Rang khushiyon ke tu aaj inme de bhar.

Lakhon rangon ka maalik hai tu fir bhi,
Mujhse le ye laal rang pade kam agar.

Saare jahan ko roshan karta hai na tu,
Jara dekh diye ke saaye me hai mere yaar ka ghar.

E hawao tum khushbu ban kar jaana,
Aur thaam lena haath gar jaaye voh dar.

Aur kehna abhi asar humari duwao me baki hai,
Abhi baki hai khushiyon bhara zindgi ka safar.

E shaam, tu usey apne aanchal me sukoon dena,
Aur tu pyar se usey jagana E rehnuma sehar.

Khamosh hai samundar zindgi ka abhi,
Aati he hongi khushiyan ban kar ek lehar.

Sitaron tum bhi khayal rakhna mere yaar ka,
Pass rehna ban ke saathi uske tum aantho pehar.

Parindon jao aur mere yaar ka dil behlana,
Hawaon ek pal ko bhi tum na jaana tehar.

E khuda, mita de ye nazare gam ke,
Le kar saanse meri, kar de mere yaar ko amar.

Tera yakin tab bhi kiya tha aur aaj bhi hai,
Sir jhukaye he rahunga sajde me saari umar.

Fir lauta de voh mausam bahaar ka E khuda,
Bas aaj, aaj ye aakhiri dua tu kabool kar…

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bachpan ki mohabbat ko aaj bhulane chala hun
jo khwab sajaye the unko khak me milane chala hun

apne daman me to toote tare the
pawon ke niche kuchle hue kuch nazare the
bas ab un sab ko dafnane chala hun
bachpan ki mohabbat ko aaj bhulane chala hun

dil me panap rahe the besumar armaan
abhi tak to the apne jajbat bejuban
bas ab un sab ko mitane chala hun
bachpan ki mohabbat ko aaj bhulane chala hun

unki yaadon ko dil me sajkar rakha tha
unka dia hua wo sukha phool jo kitab me rakha tha
bas ab un sab ko jalane chala hun
bachpan ki mohabbat ko aaj bhulane chala hun

unki murat ko jo ab tak dil me basa rakha tha
unko hi bas hmsafar banane ka sapna saja rakha tha
aaj un sab ke tukde tukde karne chala hun
bachpan ki mohabat ko aaj bhulane chala hun

unka naam lekar jo kat gaye itne baras
aahen bhi siskiyan leti rahi
aaj un sabse bewafai karne chala hun
bachpan ki mohabbat ko aaj bhulane chala hun

sach kahun to hume bhi naya yaar chahiye
jo sikha de jeena aisa dildar chahiye
bas yun hi sochkar tamasha karne chala hun
bachpan ki mohabbat ko aaj bhulane chala hun

Zindagi ki Kitaab

Jo likhe the kabhi
Class mein baithkar
Dil ke armaanon ko pen se
Kaagaz pe utaarkar
Aaj woh khat milte hain kabhi kabhi
Un puraani kitaabon mein

Puraane khat, puraane jazbaat
Puraane din, puraane haalaath
Ankahi muhobbat, ansuni iltajaa
Aankhon mein woh anchalke aansoo
Labon pe aakarr ruke hue woh ankahe alfaaz
Aaj bhi mehek aati hai unn khaton se
Sunayi deti hai dhadkano ki awaaz

Cheekhte hain, pukaarte hain mujhe
Kehte hai uthao humein aur de do
Useh, jiska naam hai chipa harr alfaaz mein
Jiski ek awaaz sunne ke liye
Taras jaate the kaan
Jiske kareeb se guzarte hi
Saansein tham-si jaati thi
Jiski mehek aati hai aaj bhi meri yaadon se

Jo zindagi ki kitaab mein chipaaye rakhe hain...
Kuch dard hain Jo seene mein dabaaye rakhe hain...
Kuch khwaab hain Jo mere sone ki raah dekh rahe hain...
Kuch baatein hain Jo band hoton ke peeche gumsum baithi hain...

Khud hi jung ched di
Khud hi labzon ki talwaar chalaate rahe
Khud hi jeet ka jashn manaa liya
Kamse kam dekha to hota
Saamne wala lada hi nahi to haarta kaise
Usne chup rehkar tumhe jeeta diya.

Lekar un khaton ko haathon mein
Chumkarr labon se, lagaakar seene se
Kehta hoon… ...
Ab bahut der ho chuki hai.

Kya kahein

kya bataye kasie likhte hai hum
bus yuhi samjho unki yaad mein do shabd likhte hai hum
milti hai jab fir aap jaise doston se wah .2
tab pata chalta hai arey ye to shayari likhte hai hum


kya gayi gardesshein hai zamane ki
surkhiyaan mere fasane ki,
phir mila ekk gham dil ko taza
ab zarooat hai mushkurane ki ...........................


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PYAAR

Pyaar ko woh kya samajhenge
Jinhone jisko chaha ussi ko paa liya
Pyaar ko to sirf woh hi samajh sakte hain
Jinhone kuch bhi na pakar bhi sabkuch nibha liya


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"Love is everything it's cracked up to be. That's why people are so cynical about it...It really is worth fighting for, risking everything for. And the trouble is, if you don't risk everything, you risk even more."

Ye Mera Ghar Hai,Ya Shamshaan Yaroo...

Hum se door hota gaya har mukaam yaro,
Aansuon mein bah gayi meri har shaam yaro...
Mita di zindagi jiske liye..
Usi ne kiya mujhe badnaam yaro ..

Ab to hasrat bhi aur jine ki na rahi..
Zindagi ho gayi gumnaam yaro..
Jise bhi apnaya vo dhookhebaaz nikla..
Meri hasti bhi ho gayi, Ab nilaam yaro..

Mar-mar ke jee raha hoon gumon me ....
De raha hun aansuon se, mohabbat ke daam yaroo...
Dard ki cheekh hi aati hai mere ghar se...
Ye mera ghar hai,Ya shamshaan yaroo...

Jiske liye gavaa di tamaam zindagi...
Unsi ne diyaa dard-e-dil ,
mohbabbat me inaam yaaro...

kya chaha khuda or kya paaaya hai

na khushi ki dua thi na maut se dillagi thi
bas dil me zindgi jeene ki ek aas si lagi thi
par lagta hai is zindgi me bas andheron ka hi saya hai
kya chaha tha khuda maine tujhse aur aaj kya paya hai

khud se zyada zindgi me khuda par vishwaas kiya tha
par us khuda ne hi mujhe har wakt ruswa kiya tha
ajnabi si lagne lagi meri vo duniya saari
kya khata thi meri ye khuda se main poochh poochh kar haari
par aaj tak us khuda ki taraf se koi jawab na aya hai
kya chaha tha khuda maine tujhse aur aaj kya paya hai

ab kya shikayat karun tujhse tune to kabhi meri suni hi nahi
mere liye khushiyon ki chaadar to kabhi tune buni hi nahi
jis dil se pooja ki thi teri aaj us dil me tere liye nafrat bhar gayi
har aas har ummeed jo tujhse thi aaj vo sab dil me hi mar gayi
jin ankhon me ummeed thi unme aansu aaj tu hi laya hai
kya chaha tha khuda maine tujhse aur aaj kya paya hai

meri chahat meri zindgi sabki palti aaj tune kaaya hai
kya chaha tha khuda maine tujhse aur aaj kya paya hai


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Mukaddar se lad sakun ye meri auqaat nahi,
main wo shakhs hoon khuda jiske saath nahi,
Waqt aayega to kah dunga khuda se
mera mukaddar likhna tere bas ki baat nahi

Lagta Hai Khuda Ne Umar Bhar Rona Hi Likha Hai

khuda ne meri zindagi main kya kya likha hai
bas lagta hai ki rona hi likha hai

zindagi me har pal milta raha hai koi gam
par ab to gam hi zindagi ban chuki hai
kya us malik ne khusi ka bhi koi pal likha hai
bas lagta hai umar bhar rona hi likha hai

dino ka sukun cheenkar diya hai raaton ka sunapan
jab bhi khawhish ki mahfil ki mila tanhaion ka darpan
kya us rab ne sapno ko bhi likha hain kahin
bas lagta hai umar bhar rona hi likha hai

aankhon main aaye aansun to dard ka bayan kar dete hai
par ye ruki hui sansen to maut ka ehsah krati hai
kya usne kahin aansun poochne wala bhi likha hai kahin
bas lagta hai umar bhar rona hi likha hai

pahle to musibaton se darkar kinare par khade rah jaate the
ab to dusron ka gam uthakar beech dariya chale jaate hain
kya hmari zindagi main bas dubte rahna hi likha hai
bas lagta hai umar bhar rona hi likha hai

galtiyan to bahut ki zindagi main par rona kabhi na aaya
par aaj to aisi khata hui hai jisme maut bhi kam lgti hai
kya puri zindagi galtiyan karte rahna likha hai
bas lagta hai umar bhar rona hi likha hai

kyun aaya wo pal jisne do doston ko juda kar diya
kabhi socha bhi na tha aaj us rah par khada kar diya
kya zindagi main bas akele rahna likha hai
bas lagta hai umar bhar rona hi likha hai

aisa toofan tha wo jisne sach bolne par majboor kar diya
humne to sach hi kaha tha par usne dokhebaaj ka naam de diya
kya us khuda ne jooth ko bhi kahin likha hai
bas lagta hai umar bhar rona hi likha hai

suna tha ki kuch paane ki khatir kuch khona padta hai
ye na pata tha ek yaar banane ki khatir ek dost ko khona padta hai
kya zindagi bhar bas khote rahna hi likha hai
bas lagta hai umar bhar rona hi likha hai

ab aisi zindagi jeene se to marna bhala
kam se kam maut ki khabar sun kar to unko sukun mile bhala
achha lagta hai jankar kam se kam marna to likha hai
bas lagta hai umar bhar rona hi likha hai

khuda ne meri zindagi main kya kya likha hai
bas lagta hai umar bhar rona hi likha hai

Waqt Se Pahle Jab Apne Chale Jaate Hain.........

Waqt Se Pahle Jab Apne Chale Jaate Hain
To Aankhon Me Aansun Dil Me Dard Rah Jaate Hain
Bahut Muskil Hota Hai Unke Bina Jeena
Ab To Unki Yaadon Ke Sahare Jiye Jaate Hain
Kashtiyan Ruk Jaati Hain Jab Toofan Chale Jaate Hain
Yaaden Rah Jaati Hain Jab Apne Chale Jaate Hain....
Bas Yaaden Rah Jaati Hain Jab Apne Chale Jaate Hain.................

Monday, January 7, 2008

Best Feelings

Best Feelings

Best feelings 5/17/2006 12:25 PM

Youn teri tammana mere dil ko dukhaati rahi
jab bhi muskuraana chahaa aankh bhar aati rahi

umeedon ne banaa-banna ke tode mere khwaab
baharon mein dil ki kali khil ke murjhaati rahi....

thar-rati rahi ye sard palken garm ashqon se....
aag paani se mil ke dhuven khoob udaati rahi

na milaa koi saharaa hi na thaama kisi ne haath
zindagi kadam-kadam pe thokaren khaati rahi...

ab kuch nahin hai baaki unki chaahat ke sivaa
aise gaye hain voh ke dil ki har khushi jaati rahi

honth to dekhe mere tune muskuraate ae sanam
zara dekh leta aankh bhi jo ashq bahaati rahi

vo khaa kar gaya tha kasmein ise bhuul jaane ki.n
"Vikash" ko phir bhi uski yaad kyon aati rahi...?

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Zindagi jaise ek sazaa si ho gayi hai,
Gham ke sagar mein kuch is kadar kho gayi hai,
Tum aajao waapis yeh guzaarish hai meri,
Shayad mujhe tumhaari aadat si ho gayi है

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Chehre pe ashko ki lakeer si ban gayee...
Jo na chaha wo takdir si ban gayee....
Humne to yun hi chalayee thi ret pe ungli..
Na jane kaise unki tasvir si ban gayee....

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Mohabbat ka imtehan aasan nahi hota,
pyar sirf pane ka naam nahi hota,
mudatain beet jati hain kisi k intezar main,
yeh sirf pal-do-pal ka kaam nahi hota

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DIL SE ROYE MAGAR HOTHON SE MUSKURA BAITHE

DIL SE ROYE MAGAR HOTHON SE MUSKURA BAITHE,
YUHI HUM KISI SE WAFA NIBHA BAITHE,
WO HAME EK LAMHA NA DE PAYE,
JINKE LIYE HUM HAMARI ZINDAGI GAWA BAITHE


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उल्जन को सुल्जाये कैसे...

उल्जन को सुल्जाये कैसे...

यह कैसी उल्जान हे डिल मैं…
इन उल्जनो को सुल्जाये तो सुल्जाये कैसे….
तुम बिन जीना होगा
डिल को बताये तो बताये कैसे….
तेरी यादों को डिल से
निकले तो निकले कैसे…..
हम तुम बिन अधूरे हैं
रहे तो कैसे रहे यूं अधूरे…..
तेरे होने के उस एहसास को…..
तेरे साँसों कि खुशबू को…..
तेरी उन बातों को, तेरे उन वादों को…..
तेरे साथ गज़रे उन लम्हों को….
तेरा उन प्यार भरी निगाहों को…
तेरी उन अदाओं को,
तेरे उन ख्यालों को….
भूले तो भूले कैसे…..
तेरे बिन ज़िंदगी, ज़िंदगी ही नही,
इसे जीए तो जीए कैसे…..
अधूरी सी है साँसें बिन तेरे ,
अधूरी साँसों को रोल तो रोके कैसे….
डिल को धड़क ने से रोके तो रोके कैसे…
बेचन डिल को
बहलाए तो बहलाए कैसे….
जीए तो कैसे जीए बिन तेरे..
इन उल्जनो को सुल्जाये तो सुल्जाये कैसे……

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आपकी उलझन तोह बहुत ही खूबसूरत लगती है, सुल्जी
हुई जिन्दाही से उलझी हुई ज़िंदगी प्यारी लगती है।

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नाराज़ हूँ

न अपनी तकदीर से नाराज़ हूँ,
न उस खुदा से नाराज़ हूँ,
खीच दी जिनसे खुद मेने अपने हथोंकी लकीरें
आज उस कलम कि सियाही से नाराज़ हूँ

न उसकी बेवफाई से नाराज़ हूँ
न उसके दिए हुए दर्द से नाराज़ हूँ
जो दर्द खुद मैंने अपने दामन से लगा लिए
आज वो दामन के दागदार होने से नाराज़ हूँ

चल तो दिया तू एक ही पल मी मुझसे कह कर अलविदा
न सोचा मेरी ज़िंदगी का अंजाम क्या होगा तेरे बिना
न तेरे जाने से न अपने अंजाम से नाराज़ हूँ
बस अपनी शिक़ायत न करने कि फितरत से नाराज़ हूँ

मोहब्बत मेरी कभी होगी नही पूरी ये पता था
ख्वाब देखे थे उसे पाने कि उसके किसी ग़ैर के होजाने के बाद भी
न उसके अधूरेपन से न उन हसीं ख्वाबों से नाराज़ हूँ
बस जो डिल ने किया साँसों से समझौता उसी समझौते से नाराज़ हूँ

मेरे काफिले को मंजिल न मिलना मुक़र्रर था
तेरा मुझसे बेरुखी करना था बरक़रार
न तेरी मंजिलों से न ही बेरुखियों से नाराज़ हूँ
जो बनायीं रास्तोंके खोने के बावजूद उस मंजिल से नाराज़ हूँ

यादें तेरी हर लम्हा अश्कों का तूफ़ान लिए आती है
तेरी आहात कि चाह से ही रूह मेरी तड़प सी जाती है
न उन यादों से न उन लम्हों से न उन अश्कों से नाराज़ हूँ
जिन्होंने समायी तेरी हर धड़कन उनमे उन धडकनों से नाराज़ हूँ

खुदा ने दिया हर मोड़ पर मुझे तेरी बेवफाई का इल्म
बसाए बैठे थे फिर भी ख्वाबोंका हसीं ताजमहल
न उस खुदा से न तेरी बेवफाई से न ही उन ख्वाबोंसे नाराज़ हूँ
अपना समझा था तुझे और सिर्फ तुझे ही जहाँ मी,
और तुने ही जार जार किया मेरी रूह को
इसलिए मैं आज खुद अपने आपसे ही नाराज़ हूँ...

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गर बिकते घाम और ख़ुशी बाज़ार में, तोह कीमत न होती ख़ुशी कि इस संसार में,
गर हो जाता प्यार का इकरार पेल भर
में, तोह सचे दोतों उन्ही रहते राहों मैं,
गर न मिलता दर्द इनकार का, कहा मिलता सच्चा दोस्तिस जहाँ में....

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