ग़म
हाज़ार फूल कम पड़ते हैं एक दुल्हन को सजाने के लीये,
मगर एक फूल काफ़ी है उसके कफ़न पर चडाने के लीये,
हाज़ार खुशीयाँ कम पड़ती हैं एक ग़म को मीटा ने के लीय,
मगर एक ग़म काफ़ी है पूरी जींदगी रुलाने के लीये।
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
मगर एक फूल काफ़ी है उसके कफ़न पर चडाने के लीये,
हाज़ार खुशीयाँ कम पड़ती हैं एक ग़म को मीटा ने के लीय,
मगर एक ग़म काफ़ी है पूरी जींदगी रुलाने के लीये।
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
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