THOUSANDS OF FREE BLOGGER TEMPLATES »
 

Thursday, March 20, 2008

ग़म

हाज़ार फूल कम पड़ते हैं एक दुल्हन को सजाने के लीये,
मगर एक फूल काफ़ी है उसके कफ़न पर चडाने के लीये,
हाज़ार खुशीयाँ कम पड़ती हैं एक ग़म को मीटा ने के लीय,
मगर एक ग़म काफ़ी है पूरी जींदगी रुलाने के लीये।

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

0 comments: