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Friday, April 11, 2008

खुशी भी दोस्तों से है
गम भी दोस्तों से है

तकरार भी दोस्तों से है
प्यार भी दोस्तों से है

रूठना भी दोस्तों से है
मानना भी दोस्तों से है

बात भी दोस्तों से है
मीसाल भी दोस्तों से है

नशा भी दोस्तों से है
शाम भी दोस्तों से है

जींदगी की shuruvaat भी दोस्तों से है
जींदगी मैं मुलाकात भी दोस्तों से है

मोहब्बत भी दोस्तों से है
इनायत भी दोस्तों से है

काम भी दोस्तों से है
नाम भी दोस्तों से है

ख्याल भी दोस्तों से है
अरमान भी दोस्तों से है

ख्वाब भी दोस्तों से है
माहोल भी दोस्तों से है

यादें भी दोस्तों से है
मुलाकातें भी दोस्तों से है

सपने भी दोस्तों से हैं
अपने भी दोस्तों से है

या यूँ कहूं यारो
अपनी तो दुनीया ही दोस्तों से है

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