उम्मीद से दुगना देती है दोसती,,,,,
दील कभी न लगना हमेशा दरद ही पाओगे, बीती बातें याद करके रोते ही जाओगे,
दील कभी न लगना हमेशा दरद ही पाओगे, बीती बातें याद करके रोते ही जाओगे,
करना ही है तो गहरी करो दोसती, हमेशा उम्मीद से दुगना ही पाओगे,,,,,,
Hi Friends U can find the sharayi which touch the ur hurte
Posted by Raja at 7:45 AM
0 comments:
Post a Comment