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Saturday, March 1, 2008

आँखों में आँसू की लकीर बन गई
कभी सोचा न था ऐसी तकदीर बन गई
यू ही फीरा रहा था रेत पर उंगलियाँ
गोर से देखा तो तेरी तस्वीर बन गई

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

तुमाहरी सादगी में जब इतना husn है
तो तुम्हरा shingaar कैसा होगा
तुम्हरे गुस्से में जब इतना प्यार है
तो तुम्हरा पयार कैसा होगा

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
हसी तुम्हारी अचछी सदा युही हस्ते रहना,
प्यार अब करते हो सदा युही करते रहना!!

ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ

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