जीने के लीये भी वक्त नहीं.......
हर ख़ुशी हैं लोगों के दामन में ,पर एक हसीं के लीये वक्त नहीं...
दीन रात दौड़ती दुनीया में ,
जींदगी के लीये वक्त नहीं.....
सारे नाम मोबइल में हैं,
पर दोस्ती के लीये वक्त नहीं ....
सारे रीशतों को तो हम मार चुके हैं,
अब उन्हें दफ़नाने का भी वक्त नहीं.....
आँखों में हैं नींद बड़ी ,
पर सोने का वक्त नहीं....
दील हैं गम से भरा हुआ ,
पर रोने का वक्त नहीं....
तू ही बता ए जींदगी ,
इस जींदगी का क्या होगा ????
की हर पल मरने वालों को ,
जीने के लीये भी वक्त नहीं.......
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
दर्द आखो से बया होता रहा
दर्द आखो से बया होता रहा मुश्किल थी दील की ये की
वो कही न कही रुसवा होता रहा.
कहने को तो दुनीया में बहुत the खुसीया मेरे लीये
fir kyo कही दील तनहाई मैं रोता रहा
ना मागी दुआ rbe से तुझे panne की ,
ना उमीद the मुझे तेरे नाम से janne जाने की
kafaa था वो rbe मुझे से itena ki साया भी मेरा मुझेसे दूर होता रहा.
कीसी एक पल ka jindgi तो बन गया मेरी फ़ीर
कयो हर बार दुआओं मैं kaffa वो rbe मुझे रूठा सा मीला
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
वो कही न कही रुसवा होता रहा.
कहने को तो दुनीया में बहुत the खुसीया मेरे लीये
fir kyo कही दील तनहाई मैं रोता रहा
ना मागी दुआ rbe से तुझे panne की ,
ना उमीद the मुझे तेरे नाम से janne जाने की
kafaa था वो rbe मुझे से itena ki साया भी मेरा मुझेसे दूर होता रहा.
कीसी एक पल ka jindgi तो बन गया मेरी फ़ीर
कयो हर बार दुआओं मैं kaffa वो rbe मुझे रूठा सा मीला
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
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