एक रीश्ता
तुम्हे याद है न एक रिश्ता बोया है
तेरे आगोश मई अश्को से सींचा है
अपने लुम्स से पलना इसे
और ख्याल रखना जब मेरे अरमान फर्ने लगे
कोई आरजू जब कलि बन जाये
तो अपने शफ्फाक होतों से छू लेना
देखना कैसे कलि फूल बनती है
छुपा लेना अपने साए मई
घेर कर अपनी मजबूत बाहों से
और मैं तेरे सीने पे सर रख कर
उस पलते बड़ते रिश्ते को जी लुंगी
तुम्हे याद है न एक रिश्ता बोया है
तेरे आगोश मई अश्को से सींचा है
अपने लुम्स से पलना इसे
और ख्याल रखना जब मेरे अरमान फर्ने लगे
कोई आरजू जब कलि बन जाये
तो अपने शफ्फाक होतों से छू लेना
देखना कैसे कलि फूल बनती है
छुपा लेना अपने साए मई
घेर कर अपनी मजबूत बाहों से
और मैं तेरे सीने पे सर रख कर
उस पलते बड़ते रिश्ते को जी लुंगी
तुम्हे याद है न एक रिश्ता बोया है
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