ये जिंदगी है या कोई छलावा,,,,
ITS ALSO MINE...........
ये जींदगी है या कोई छलावा,,,,
एक पल में खुशी देती है दूसरे ही पल आसुओं के सागर में डुबो देती है,
एक पल में साथ देती है दूसरे ही पल छीन लेती है सब कुछ,
एक पल में कीसीको अपना बनती है तो दूसरे ही पल में begana कर देती है,
एक पल में फूलों पर चलती है तो दूसरे ही पल में बैठा देती है काँटों पर,
एक पल में फलक पर पहुँचा देती है तो दूसरे ही पल में गीरा देती है ज़मीन पर,
एक पल में mehfil सजा देती है तो दूसरे ही पल में तन्हाईयों से कर देत है दोसती ,
एक पल साथ देती है सबका तो दूसरे ही पल में रूठ जाती है सबसे,
ये जिंदगी है या कोई छलावा,,,,,,,,,
ये जींदगी है या कोई छलावा,,,,
एक पल में खुशी देती है दूसरे ही पल आसुओं के सागर में डुबो देती है,
एक पल में साथ देती है दूसरे ही पल छीन लेती है सब कुछ,
एक पल में कीसीको अपना बनती है तो दूसरे ही पल में begana कर देती है,
एक पल में फूलों पर चलती है तो दूसरे ही पल में बैठा देती है काँटों पर,
एक पल में फलक पर पहुँचा देती है तो दूसरे ही पल में गीरा देती है ज़मीन पर,
एक पल में mehfil सजा देती है तो दूसरे ही पल में तन्हाईयों से कर देत है दोसती ,
एक पल साथ देती है सबका तो दूसरे ही पल में रूठ जाती है सबसे,
ये जिंदगी है या कोई छलावा,,,,,,,,,
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