तेरी आदत सी होगई थी,दील की तू राहत सी होगई थी,तेरी जुदाई न मंज़ूर थी कभी,दील से दील की दूरी न मंज़ूर है कभी,मेरे इजहार-ऐ-इशक की मुझे हमेशा ग़म रहेगी,तुझसे न कह पाने की सजा रहेगी,सबक मेरे बाटों में नहीं जिंदगी में रहेगी,तेरे वफ़ा को सलाम, जुदाई से कफा रहेगी.न ख्वाबों में देखा, न नज़रों में देखा,हजारों में एक हमने तुम ही को देखा,गम देने वाले तो हर पल है यहाँ,हर पल खुशी देने वालों में एक आप ही को देखा.
Friday, March 21, 2008
तेरी आदत सी होगई थी,दील की तू राहत सी होगई थी,तेरी जुदाई न मंज़ूर थी कभी,दील से दील की दूरी न मंज़ूर है कभी,मेरे इजहार-ऐ-इशक की मुझे हमेशा ग़म रहेगी,तुझसे न कह पाने की सजा रहेगी,सबक मेरे बाटों में नहीं जिंदगी में रहेगी,तेरे वफ़ा को सलाम, जुदाई से कफा रहेगी.न ख्वाबों में देखा, न नज़रों में देखा,हजारों में एक हमने तुम ही को देखा,गम देने वाले तो हर पल है यहाँ,हर पल खुशी देने वालों में एक आप ही को देखा.
Posted by Raja at 7:48 AM 0 comments
कया hogi इस दील की हालत,,,,,,,,,
आज एहसास के दामन में आन्सुं गीरा के तो देखो,
प्यार कीतना सच्चा है दील लगा के तो देखो,आपको भूल के कया hogi इस दील की हालत,
कीसी आईने पर पत्थर गीरा के तो देखो,,,
Posted by Raja at 7:46 AM 0 comments
दील कभी न लगना हमेशा दरद ही पाओगे, बीती बातें याद करके रोते ही जाओगे,
Posted by Raja at 7:45 AM 0 comments
Is holi pe phir useh rangne jaana hai.
Har saal khareeden hain rang, kari hai tayaari,
Is baar to khelenaa humaare saath, dekhnaa raah humaari.
Shahar mein sabse pooch rahe hain , rang-e-mohabbat kahaan milega
Raat ko khuda ne bataaya ki abhi aur imtehaanon se guzarnaa parega
Neela, hara , peela , gulaabi yeh sab to ek bahaana hai,
Holi ka ho din ya kuch aur hume to tumse milne aana hai
Is Holi pe useh rangne jaana hai,
Is Holi pe useh rangne jaana hai
Posted by Raja at 6:18 AM 0 comments
Is holi pe phir useh rangne jaana hai.
Har saal khareeden hain rang, kari hai tayaari,
Is baar to khelenaa humaare saath, dekhnaa raah humaari.
Shahar mein sabse pooch rahe hain , rang-e-mohabbat kahaan milega
Raat ko khuda ne bataaya ki abhi aur imtehaanon se guzarnaa parega
Neela, hara , peela , gulaabi yeh sab to ek bahaana hai,
Holi ka ho din ya kuch aur hume to tumse milne aana hai
Is Holi pe useh rangne jaana hai,
Is Holi pe useh rangne jaana hai
Posted by Raja at 6:18 AM 0 comments
Thursday, March 20, 2008
यादों की कीमत......
यादों का मतलब तो उनसे पूछो जो यादों के सहारे पुरी जिंदगी बीता दीया करते हैं
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
जिंदगी के कुछ लम्हे यादगार होते हैं,
यादों में कुछ लोग ख़ास होते हैं,
यूं तो वो दूर हैं नज़रों से,
पर उनके एहसास हमेशा दील के पास होते हैं
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
हमारा हर लम्हा चुरा लीया आपने, आंखों को इक चाँद दीखा दीया आपने.
हमें जींदगी तो दी कीसी और ने, पर प्यार इतना देकर जीना सीखा दीया आपने।
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 2:56 AM 0 comments
ग़म
मगर एक फूल काफ़ी है उसके कफ़न पर चडाने के लीये,
हाज़ार खुशीयाँ कम पड़ती हैं एक ग़म को मीटा ने के लीय,
मगर एक ग़म काफ़ी है पूरी जींदगी रुलाने के लीये।
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 2:53 AM 0 comments
खुशी
हर खुशी सुहानी रहे ,
जिंदगी में आप इतने खुश रहे,
की हर खुशी आपकी दीवानी रहे
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 2:52 AM 0 comments
एतबार
बगैर जाने पहचाने इकरार न कीजिए,मुस्कुराकर दील को बेकार न कीजिए,
गुलाब भी दे जाते हैं ज़ख्म गहरा कभी कभी,
हर गुलाब पर यूं एतबार ना कीजिए
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 2:51 AM 0 comments
दोसती
इस दोसती से कभी रुस्वाई मत करना,
जब दील ऊब जाए हमसे तो बता देना,
न बताकर बेवफाई मत करना
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 2:49 AM 0 comments
Dil Ke Halaat.........
Na khwabon me dekha, na nazaron me dekha,Hazaron me ek humne tum hi ko dekha,
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Gum dene wale to har pal hai yahan,
Har pal khushi dene walon me ek aap hi ko dekha।
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 2:43 AM 0 comments
कया होगी इस दील की हालत...........
प्यार कीतना सच्चा है दील लगा के तो देखो,
आपको भूल के कया hogi इस दील की हालत,
कीसी आईने पर पत्थर गीरा के तो देखो.............
Posted by Raja at 1:40 AM 0 comments
Saturday, March 1, 2008
दील है बेघर उसे एक घर चाहिए
बस यूं ही साथ चलते रहो ऐ दोसत;
यह दोसती हमे उमर भर चाहिए
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Tarap रहा हू पयार में कैसे यह बता नही सकता,
दील में लगी है आग ऐसी की मैं बुझा नही सकता,
मालूम नही वो बेवफा है या है सिरफ मूजसे खफा,
पर यह जानता हु की मैं उसे भुला नही सकता
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
सौ बेवफाई कबूल है एक वफ़ा क लीये,
सौ आंसू कबूल है एक हँसी क लीये,
हम तो मोहताज है आपकी एक मुस्कराहट के...
सौ दुश्मन काबुल है आपकी एक दोसती के लीये !!
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
पास आकर सभी दूर चले जाते है,
हम अकेले थे अकेले ही रह जाते है,
दील ka दरद कीसे dikhau,
मरहम लगाने वाले ही ज़खम दे जाते है
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 12:58 AM 0 comments
कभी सोचा न था ऐसी तकदीर बन गई
यू ही फीरा रहा था रेत पर उंगलियाँ
गोर से देखा तो तेरी तस्वीर बन गई
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
तुमाहरी सादगी में जब इतना husn है
तो तुम्हरा shingaar कैसा होगा
तुम्हरे गुस्से में जब इतना प्यार है
तो तुम्हरा पयार कैसा होगा
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
हसी तुम्हारी अचछी सदा युही हस्ते रहना,
प्यार अब करते हो सदा युही करते रहना!!
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 12:55 AM 0 comments
जो कहते थे हमे भूल न जाना, उनहोने ही हमे भूल जाने ka पैगाम दे दीया
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
"हमने भी कभी प्यार कीया था थोड़ा नही बेसुमार कीया था, बदल गई जिंदगी ,
जब उन्होंने कहा यार मैंने तो मजाक कीया था.....!
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
कौन कीसी के लिए हँसता है, कौन कीसी के लीये रोता है, मतलब की इस दुनीया में कौन कीसी ka होता है, अब तो msgg भी वोहो करता है जीसका समस फरी होता है.
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
कीतनी खुशी मीलती है तुझको, दील मेरा तोड़कर
लेकीन ये दील भी तो है, तेरी ही अमानत देखें कब तक तू खुश रहेता है अपनी ही चीज़ को तोड़कर।
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
कभी कीसी से पयार मत करना हो जाए तो इंकार मत करना
नीभा सको तो चलना उसकी राह पर वरना कीसी की जिंदगी बरबाद मत करना
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 12:52 AM 0 comments
लगता है दुसम्नों से guzarish करनी पड़ेगी, दोसत तो आब याद कीया नही करते
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 12:49 AM 0 comments
कल तक नाम कुछ ओर था मेरा पर आज मोहबत हो गई हू।तेरे हर ahesase की tabir बन गई हू ,
कही kahyalo mai सजाया था जीसे तुमने वो तेसेवीर बन गई.
इसे मैं हर पल तेरी चाहेत हो गई हू कल तक नाम कुछ ओर था मेरा पर आज मोह्ह्बत हो गई हू
Posted by Raja at 12:46 AM 0 comments
मैं कहता था आखो मैं आसू है वो कहती थी की बारीश ka पानी है.
कहने को वो अकसर खुश रहती थी पर अकसर रातो मैं तारो से कुछ कहती थी
कुछ छुपा था दील मैं उसके,दर्द था शायेद या कोई अधूरी कहानी थी
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
जब से मीले हो तुम मैं एक उमर जी गया
तेरी ज़ुल्फ़ के साए मैं मेरा इमान भी गया
तसवीर तेरी दील मैं इस कदर उतर गयी
के शराब मैं शबाब तेरा मीला के पी गया।
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
दूर रह कर पास रहा hai बनकर दील मैं अहएससे रहा hai.
खफा हू mager बेवफ्फा मैं नही है,जुदा होकर भी तुझेसे जुदा मैं नही हू.
तेरी चाहत आज भी कही दील मैं रहती hai,करता rahu तुझेसे वफ़ा ये कहता hai.
दर्द को दील मैं छूपय तो पर ये आखो मैं आसू बनकर चला आता hai
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 12:38 AM 0 comments
जीने के लीये भी वक्त नहीं.......
हर ख़ुशी हैं लोगों के दामन में ,पर एक हसीं के लीये वक्त नहीं...
दीन रात दौड़ती दुनीया में ,
जींदगी के लीये वक्त नहीं.....
सारे नाम मोबइल में हैं,
पर दोस्ती के लीये वक्त नहीं ....
सारे रीशतों को तो हम मार चुके हैं,
अब उन्हें दफ़नाने का भी वक्त नहीं.....
आँखों में हैं नींद बड़ी ,
पर सोने का वक्त नहीं....
दील हैं गम से भरा हुआ ,
पर रोने का वक्त नहीं....
तू ही बता ए जींदगी ,
इस जींदगी का क्या होगा ????
की हर पल मरने वालों को ,
जीने के लीये भी वक्त नहीं.......
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
दर्द आखो से बया होता रहा
वो कही न कही रुसवा होता रहा.
कहने को तो दुनीया में बहुत the खुसीया मेरे लीये
fir kyo कही दील तनहाई मैं रोता रहा
ना मागी दुआ rbe से तुझे panne की ,
ना उमीद the मुझे तेरे नाम से janne जाने की
kafaa था वो rbe मुझे से itena ki साया भी मेरा मुझेसे दूर होता रहा.
कीसी एक पल ka jindgi तो बन गया मेरी फ़ीर
कयो हर बार दुआओं मैं kaffa वो rbe मुझे रूठा सा मीला
ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ______ஜॐ♥ஜ
Posted by Raja at 12:31 AM 0 comments