होठो की ज़ुबा आंसू कहते है,
जो चुप है लेकिन फीर भी बहते है और
आंसू की कीस्मत तो देखीये, ये उनके लीये बहते है,
जो इन आँखों में रहते है
जो चुप है लेकिन फीर भी बहते है और
आंसू की कीस्मत तो देखीये, ये उनके लीये बहते है,
जो इन आँखों में रहते है
Hi Friends U can find the sharayi which touch the ur hurte
Posted by Raja at 8:33 PM
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