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Saturday, March 1, 2008

dedekte दील की chahet हो गई huu ,
कल तक नाम कुछ ओर था मेरा पर आज मोहबत हो गई हू।तेरे हर ahesase की tabir बन गई हू ,
कही kahyalo mai सजाया था जीसे तुमने वो तेसेवीर बन गई.
इसे मैं हर पल तेरी चाहेत हो गई हू कल तक नाम कुछ ओर था मेरा पर आज मोह्ह्बत हो गई हू

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