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Friday, April 11, 2008

फूलों सी नाजुक चीज है दोस्ती, सुर्ख गुलाब की महक है दोस्ती,
सदा हँसने हँसाने वाला पल है दोस्ती,दुखों के सागर में एक कश्ती है दोस्ती,


काँटों के दामन में महकता फूल है दोस्ती, jindagii भर साथ नीभाने वाला रीश्ता है दोस्ती ,
rishton की नाजुकता समझाती है दोस्ती, rishton में वीश्वास दीलाती है दोस्ती,


तन्हाई में सहारा है दोस्ती, मझधार में कीनारा है दोस्ती,
jindagii भर जीवन में महकती है दोस्ती, कीसी-कीसी के नसीब में आती है दोस्ती,


हर खुशी हर गम का सहारा है दोस्ती, हर आँख में बसने वाला नजारा है दोस्ती,
कमी है इस जमीं पर पूजने वालों की वरना इस जमीं पर "खुदा" है दोस्ती

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